Best 100+ Rahat Indori Shayari In Hindi | राहत इन्दोरी शायरी

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Rahat Indori Shayari in Hindi

दोस्तो एक बार फिर में हाजिर हु और आप सभी का Hindi Shayari Blog में स्वागत करता है। आज मैं आपके लेकर आया हु Rahat Indori Shayari in Hindi (राहत इन्दोरी शायरी) दोस्तो इस पोस्ट में आपको मिलेगा Rahat Indori Status, Rahat indori ki shayari, Rahat indori love shayari, Rahat indori sad shayari, Rahat indori best shayari, Rahat indori shayari on life, Rahat indori shayari 2 line and Rahat indori shayari rekhta.

दोस्तो अगर आप भी Rahat Indori Shayari के दीवाने है और उनकी शायराना अंदाज़ अच्छा लगा है तो आप Rahat Indori ki Shayari पढ़ सकते है।

Rahat Indori Shayari in hindi
Rahat Indori Shayari In Hindi

Rahat Indori Shayari In Hindi

❝ बेवफा से वफ़ा की उमीद रखी थी
कांतो से खुसबू की उमीद रखी थी
मोहबत में दिल टूटने की उमीद रखी थी
खुदा से दो गाज़ ज़मीन की उमीद रखी थी ❞-

❝ मेरे चेहरे पे कफ़न ना डालो,
मुझे आदत आदत है मुस्कुरा ने की,
मेरी लाश को ना दफ़नाओ,
मुझे उम्मीद है उस के आने की. ❞

❝ उमीदे टूटी तो उमीद करना छोड़ दिया,
सपने टूटे तो सपने देखना छोड़ दिया,
जबसे दिल टूटा है, साँसे तो ले रहे है,
पर अब हुँने जीना छोड़ दिया ❞

❝ नींद उड़ा कर मेरी कहते है वो कि सो जाओ कल बात करेंगे,
अब वो ही हमें समझाए कि कल तक हम क्या करेंगे ❞

❝ जानता हूँ मे मेरा वक़्त मुजपे बेरहेम है
मरहम तो ना मिला मिले पल पल तो बस ज़ख़्म है
इस दुनिया से मे उमीद क्या रखूं
दुनिया भी तो उमीद पे कायम है . ❞

❝ जब खुदा ने इश्क बनाया होगा,
तब उसने भी इसे आजमाया होगा..
हमारी औकात ही क्या है,
कमबख्त इश्क ने तो
खुदा को भी रुलाया होगा! ❞

❝ मिट चले मेरी उम्मीदों की तरह हरफ़ मगर
आज तक तेरे खातों से तेरी खुश्बू ना गई ❞

❝ कुछ कटी हिम्मत-ए-सवाल में उम्र
कुछ उम्मीद-ए-जवाब में गुज़री – ❞

❝ “सिर्फ एक “दिल” ही है जो बिना
आराम किये सालों काम करता है
,इसे हमेशा “खुश” रखिये ,
चाहे ये आपका हो या आपके अपनों का ❞

Rahat Indori Shayari on Life

❝ यूँ तो हर शाम उम्मीदों पे गुज़र जाती थी
आज कुच्छ बात है जो शाम पे रोना आया ❞

❝ ये अच्छा है के आपस के भरम ना टूटने पाएँ
कभी भी दोस्तों को आज़मा कर कुच्छ नहीं मिलता ❞

❝ उठा कर तलवार जब घोड़े पे सवार होते
बाँध के साफ़ा जब तैयार होते
देखती है दुनिया छत पे चढ़के
कहते है की काश हम भी ऐसे होशियार होते… ❞

❝ दिल को तेरी ही तमन्ना,
दिल को है तुझ से ही प्यार,
चाहे तू आए ना आए,
हं करेंगे इंतेजार… ❞

❝ तुझसे उमीद ही बेवफा निकली आए खुद को वफ़ा कहने वाली,
की सोचता हूँ क्या तुझपे मेने जान लुटाई इस कदर !! ❞

❝ उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको
खिलता हुआ फूल खुशबू दे आपको
हम तो कुछ भी देने के काबिल नहीं,
देनेवाला हज़ार खुशिया दे आपको! ❞

❝ जिनसे उमीद करी थी जो आएँगे
और मेरी कब्र सजाएँगे,
वो ही मेरी कब्र के
पठार चुरा के ले गये ❞

❝ सफ़र ज़िंदगी का बहुत ही हसीन है
सभी को किसी न किसी की तलाश हैं
किसी के पास मंज़िल हैं तो राह नही
और जिसके पास राह हें तो मंज़िल नही ❞

❝ सौ सौ उम्मीदें बाँधती हैं इक इक निगाह पर
मुझ को ना ऐसे प्यार से देखा करे कोई – ❞

Rahat Indori Status In Hindi

❝ दिल पे उनके अपनी जीत हो जाए
पूरी दिल की उमीद हो जाए
वो जो आ के एक बार गले से लग जाएँ
तो फिर हमारी ईद हो जाए? ❞

❝ उम्मीद-ए-शिफा भी नहीं बीमार को तेरे
अल्लाह से मायूस हुआ भी नहीं जाता ❞

❝ सपनो से दिल लगाने की आदत नही रही,
हर वक़्त मुस्कुराने की आदत नही रही,
ये सोच के की कोई मनाने नही आएगा,
अब हमे रूठ जाने की आदत नही रही… ❞

❝ छ्चीन गई आख़िरी उमीद भी दिल से “आसार”
ये सहारा है की अब कोई सहारा ना रहा ❞

❝ एक दिन हम भी कफ़न ओढ़ जाएँगे…..
हर एक रिश्ता इस ज़मीन से तोड़े जाएँगे……
जितना जी चाहे सतालो यारो……
एक दिन रुलाते हुए सबको छोड़ जाएँगे…… ❞

❝ वाबस्ता हो गयी थी कुछ उमीदान आप से
उमीदों का चीरघ बुजाने क शुक्रिया ❞

❝ हम उनको मनाने आएंगे
उनको उम्मीद अजब की है
वो खुद चल कर आएंगे
हमारी भी जिद्द गज़ब की है ❞

❝ जहाँ हिम्मत समाप्त होती है.
वहीँ हार की शुरुआत होती है.
आप धीरज मत खोइए.
अपना कदम फिर से उठाइए. ❞

❝ तर्क-ए-उम्मीद बस की बात नहीं
वरना उम्मीद कब बार आती है ❞

Rahat Indori Sad Shayari

❝ तोड़ दो हर वो ख्वाब
हर ख्वाहिस तोड़ दो
मुझसे तो तुमने की
वो उमीद छोड़ दो . ❞

❝ कहते हैं जीते हैं उम्मीद पे लोग
हम को जीने की भी उम्मीद नहीं ❞

❝ कागज़ पर रख कर खाना खाये तो भी कैसे….
खून से लथपथ आता है अखबार आजकल! ❞

❝ चलता था कभी हाथ मेरा थाम कर जिस पर
करता हा बोहोत याद वो रास्ता उसे कहना
उमीद वो रखे ना किसी ओर से साहिल
हर शख्स मोहब्बत नही करता उसे कहना . ❞

❝ हम से केरते हैं उमीद के
हम उन के आँसू पोच्चें
कभी हम से है पुचछा के
हूमें दर्द क्या है ❞

❝ इतनी आसानी से केसे भूल जाता है कोई,
रह-रह कर क्यो याद आता है कोई,
उमर भर याद करते रहेगे आको,
देखते है कब तक हमे भूलता है कोई….. ❞

❝ इलाही काम-याबी रह-नुमा हो
कोई उम्मीद-वाराना चला है ❞

❝ वादा करते हैं दोस्ती निभाएँगे
कोशिश यही रहेगी तुझे ना सत्याएंगे
ज़रूरत पड़े तो दिल से पुकारना
मार भी रहे होंगे तो मोहलत लेकर आएँगे ❞

❝ कहते है जीते हैं उमीद पे लोग
हम को जीने की भी उमीद नही.. ❞

❝ शाम होने से पहले लौट आना,
हम तेरे इंतजार में हैं,
सुबह शाम रहती है तेरे दीदार की उमीद,
अगर ना लौट पाओ तो बस इतना कर देना,
मेरी आखरी सांस होने से पहले ही लौट आना . ❞

Rahat Indori Ki Shayari

❝ गाज़ाब का प्यार था उस की उदास आँखों में
गुमान तक ना हुवा क वो बिचड़ने वाली है.!! ❞

❝ उसी रह पर हम उमीद
लेकर बेथेन हैं किी वो आयेंगे,
मौत को भी गुज़ारिश
की तोड़ा इंतज़ार कर ले ❞

❝ सारी उम्मीद रही जाती है
हाय, फिर सुबह हुई जाती है ❞

❝ कोई उमीद भीइ बाक़ी ना रही ज़िंदगी मे अब
वो छ्छूद के चले गये दामन को झाड़ के
निगाहे आस से तकती हैं झलक पाने को
ये दिल हिी जानता है अब कभी ना होगी सुबह ❞

❝ रही ना ताक़त-ए-गुफ्टार और अगर हो भी
तो किस उम्मीद पे कहिए के आरज़ू क्या है ❞

❝ मेरे मूह पे कफ़न ना पाना,
मुझे आदत है मुस्कुराने कि
मुझे यु मिट्टी मे ना दबाना,
मुझे उमीद है किसी के आने कि . ❞

Rahat Indori Shayari 2 Line

❝ एक बार ज़िंदगी अची लगे थी उस वक़्त मुझी,
जुब उस ने शर्मा कर तभा किया था मुझी.. ❞

❝ तुम ऐसे कौन खुदा हो की उम्र भर तुम से
उम्मीद भी रकखूं ना-उम्मीद भी ना रहूं ❞

❝ खाता ये हुई की तुम से उम्मेद लगा बैठे,
पता क्या था, हो मोहताज तुम भी मेरे तरह……! ❞

❝ कुच्छ उम्मीद-ए-करम में गुज़री उम्र
कुच्छ उम्मीद-ए-करम में गुज़रेगी ❞

❝ फर्र’फर्राटा है जो दिन रात मेरे सीने में,
अब यही ऐक परिंदा है रहा करने को.. ❞

❝ एक उमीद के सहारे जीआई जा रहै हैं,
एक घूम-ए-जुदाई के रास्ते पे चले जा रहाहं.
यह ज़िंदगी ही या शबाब का पेयमना,
क़िस्मत मैं है पीना आए अहील पेआ जा रहै हैं! ❞

❝ मुँहासीर मरने पे हो जिस की उम्मीद
ना-उम्मीडी उस की देखा चाहिए ❞

❝ जो उमीद की राह पे
चले उन्हे मंज़िलों एन पनाह दी,
जिन्हे वासों ने डरा दिया
वो कदम कदम पर बहक गये ❞

Rahat Indori Love Shayari

❝ उस दिल ए नादान को कैसें संजहें,
जो इस दिल की बेखरारी को ना समझें,
एक दिन वो ज़रूर हम से मिलने की तमन्नाह करें गे,
इस उमीद पे हम हमारी ज़िंदगी निसार कर दें ❞

❝ जाती है किसी झील की गहराई कहाँ तक,
आँखोंमें तेरी डूब के देखेंगे किसी दिन… ❞

❝ अंधेरे मे भी चिराग उलफत जलाए रखना
तुफानो मे भी ये शमा ना भूज़ने देना
खुदा ज़रूर मेहरबान होगा एक दिन देखना
उमीद के दामन मे खुद को जगाए रखना . ❞

❝ दिल ना उमीद तो नही,
नाकाम हे तो है,
लंभी है गुम की शाम मगेर,
शाम हे तो है. ❞

❝ “अगर ख़ुदा नहीं हैं,
तो उसका ज़िक्र क्यों..
और अगर ख़ुदा है,
तो फिर फिक्र क्यों”. ❞

❝ उम्मीद तो बाँध जाती तासकीं तो हो जाती
वादा ना वफ़ा करते वादा तो किया होता ❞

❝ कितने बरसो का सफर खाक हुआ,
उसने जाब पुछा,
“कहो कैसे आणा हुआ”! ❞

❝ हमें फिर उन से उम्मीद और उन्हें हमारी क़द्र
हमारी बात ही पूच्छें ना वो, तो क्यॉनकर हो ❞

❝ तुमसे यह उमीद ना थी कैसे कह गये तुम यह सब
जानते हमे तो मालूम होता वो सब है हमारे रुब्ब
प्यार तुमसे भी कम नही केरते जंगाए एब्ब यह सब्ब
अगर ना मिले तुम हुमको खुदा जाने जा निकेल जाए कब ❞

Rahat Indori Best Shayari

❝ जीत की खातिर बस जुनून चाहिए,
जिसमे उबाल हो ऐसा खून चाहिए,
यह आसमान भी आएगा ज़मीन पर,
बस इरादों मे जीत की गूँज चाहिए. ❞

❝ तू मेरे नसीब में नही है,
पर फिर भी तेरे आने की उमीद बाकी है….
प्यार करके भी तुझे प्यार कर नही सकते..
पर फिर भी तुझे प्यार करने की उमीद बाकी है…. ❞

❝ रोती हुई आँखो मे इंतेज़ार होता है,
ना चाहते हुए भी प्यार होता है,
क्यू देखते है हम वो सपने,
जिनके टूटने पर भी उनके सच होने
का इंतेज़ार होता है?….. ❞

❝ ना जाने किस लिए उम्मीद-वार बैठा हूँ
इक ऐसी राह पे जो तेरी रह-गुज़र भी नहीं ❞

❝ ना कोई वादा ना कोई यक़ीन, ना कोई उम्मीद
मगर हमें तो तेरा इंतज़ार करना था ❞

❝ कोई गीला कोई शिकवा ना रहे आप से
ये आरज़ो है इक सीलसला ब्ना रहे आपे से
बस इक बात की उमीद है आप से
दिल से डोर ना करना अगर डोर बी र्हैं आप से ❞

❝ मेने शायद उमीद तुझसे ज़्यादा करली
प्यार की बात तुझसे ज़्यादा करली
मेने सोचा था की तू मुझे प्यार करेगा
मेरे उमीद से ज़्यादा पर तूने तो दर्द-ए-बेवफ़ाई
मेरे उमीद से ज़्यादा देदि. ❞

❝ दुनिया में धोखा आम बात है।
अब सूरज को ही देख लो
आता है किरण के साथ
रहता है रोशनी के साथ
और जाता है संध्या के साथ। ❞

❝ सपनो की दुनिया सज़ा रखी है,
मोहब्बत की ज्योति जला रखी है,
मेरे दिल को अब कोई नही बचा सकता,
पठार दिल से प्यार की उमीद जो लगा रखी है.. ❞

❝ अब उमीद के सहारे जीजते हैं,
ज़हेर को डॉवा श्मझ कर पीए जाते हैं,
एक वो हैं जो हूमें नही श्मझते,
एक हम हैं जो उनसे मिलने के इंतेज़ार में जीजते हैं ❞

❝ कम से कम मौत से ऐसी मुझे उम्मीद नहीं
ज़िंदगी टू ने तो धोके पे दिया है धोका ❞

❝ मउसेबात में तुम हमें चोर चले
जो थी तुम पर उमीद वो टोर चले
कैसे करें अब तुम पर यकीन
यकीन करना अब हम चोर चले ❞

❝ वो मेरे हाथो की लकीरे देखकर
अक्सर मायूस हो जाती है शायद,
उसे भी एहसास हो गया है की
वो मेरी क़िस्मत मे नही है. ❞

Rahat Indori कौन है।

Rahat Indori एक भारतीय उर्दू शायर और हिंदी फिल्म के गीतकार थे। उनका जन्म 1 Jan 1950 में हुआ था। उनकी शायरी कर लोग आज भी दीवाने है। राहत इन्दोरी की शायरी लोगो की दिलो को आज छू जाती है। उन्होंने बहुत सी उर्दू शायरी लिखी और लोगो को सुनाया है। अक्सर लोगो का दिल जब टूट जाता है तो राहत इन्दोरी की शायरी सुनते है।

Rahat Indori बहुत सी शायरी जिंदगी पर भी लिखी है। जिससे लोग आज भी अपनी जिंदगी में महसूस कर सकते है। राहत इन्दोरी ने बहुत से कवि सम्मेलन में हिस्सा लिया और अपनी शायरी का जादू बिखेरा। ये बहुत ही अच्छे उर्दू शायर थे जो अब हमारे बीच मे नही रहे।

Fiinal Words On Rahat Indori Shayari

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